Mula bandha | मूलबंध है धातुरोगों का काल ,और भी है फायदे

योग में वर्णित Mula bandha Yoga हमारे शरीर को अनगिनत लाभ देता है। मूलबंध को लगाने से कई प्रकार की गंभीर बीमारियां अपने आप ही दूर रहती है। इसके साथ ही ये हमारे मन को नियत्रित करने और कुण्डलिनी जागरण के लिए अति आवश्यक बंध है।Mula bandha | मूलबंध में बाह्य या आंतर कुंभक (श्वास को रोकने की क्रिया ) करके गुदा प्रदेश और मूत्र प्रणाली को सिकुड़ कर रखना पड़ता है।


Mula Bandha Kaise Lagaye Step By Step Guide 

Mula Bandha Kaise Lagaye Step By Step Guide
Mula Bandha



  1. Mula Bandha लगाने के लिए सबसे पहले किसी ध्यानात्मक आसन में बैठ जाए।
  2.  अपने शरीर और दिमाग को तनावरहित करे और अपने दोनों हाथों को दोनों घुटनों पर रखे। 
  3. और Jalandhara Bandha लगाएं ,जब आप जालंधर बंध लगाते है तो उसी अवस्था श्वास को रोके।
  4.  और अपने गुदा प्रदेश और मूत्र प्रदेश (नाभि के निचे का भाग ) को सिकुड़कर अंदर की खींचकर रखे।
  5.  इस अवस्था में अपनी शक्तिनुसार बने रहने का प्रयत्न करे।
  6.  अब अपना नियंत्रण हटाकर वापस सामान्य स्थिति में आ जाए।
  7.  इसी क्रिया को ५ से ६ बार करे।






Mula Bandh Lagane Se Sharir Ko Milte Hai Ye Fayde - Health Benefits
Mula Bandh Lagane Se Sharir Ko Milte Hai Ye Fayde - Health Benefits
Mula Bandha Health Benefits


  1. Mula Bandha का अभ्यास हमारे शरीर को समस्त धातुरोगों से मुक्त कराने में सक्षम है।
  2.  इस बंध का अभ्यास करने पर मनुष्य अपनी कामवासना को नियंत्रित करने में यशस्वी होता है। 
  3. ब्रम्हचर्य बनाये रखने के लिए ये उपयुक्त बंध है। 
  4. खासकर नवयुवकों को इस बंध का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। 
  5. ये  स्वप्नदोष ,वीर्यविकार ,शुक्रक्षय ,निराशा ,जैसे रोगों में अपना ख़ास प्रभाव दिखाता है। 
  6. नियमित रूप से इस बंध का अभ्यास करना बवासीर Piles जैसी घातक बिमारी को भी दूर कर देता है।
  7.  ये बंध स्त्रियों के लिए भी अति उपयुक्त है। मासिक धर्म संबंधी समस्या , और प्रदर रोग जैसी समस्याएं इस बंध को लगाने से समाप्त हो जाते है।
  8.  यह मणिपुर चक्र को शुद्ध करता है ,साथ ही कुंडलिनी को उर्ध्व बनाकर सहस्त्रार तक पहुंचाने में मदद करता है।
  9.  मोटापे से होनेवाली बीमारियों में यह बंध अत्यंत लाभदायी है।


Mula Bandha Lagate Samay Savdhani Rakhe - Precautions


  1. मूलबंध का अभ्यास करते समय जोर जबरदस्ती से श्वास को रोककर ना रखे। 
  2. मूलबंध के लिए सुबह सूर्योदय का समय सबसे अच्छा है।
  3.  Jalandhara Bandha  के अभ्यास के बाद मूलबंध का अभ्यास करना सरल हो जाता है। 
  4. शुरुवाती समय में इसका अभ्यास ५ से ७ बार ही करे।
  5.  पहली बार किसी योग्य गुरु के सानिध्य में ही मूलबंध का अभ्यास करना चाहिए। 
  6. पेट या ह्रदय संबंधित गंभीर बिमारी से ग्रसित होनेपर Mula Bandha Practice से बचे। 



आज के समय में मूलबंध का अभ्यास हर एक युवक के लिए आवश्यक है। आशा है आपको "Mula bandha | मूलबंध है धातुरोगों का काल ,और भी है फायदे" से उपयुक्त जानकारी मिल चुकी होगी। संबंधित लेख के बारे में कोई विचार या प्रश्न हो तो कमेंट करके जरूर साझा करे।



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